| काम-उपभोग-परमाः |
| कामोपभोगपरमा |
| काम-उपभोग-परम{पुं}{1;बहु}/परमा{स्त्री}{1;बहु}/परमा{स्त्री}{2;बहु} |
| काम-उपभोग-परम{पुं}{1;बहु} |
| <<काम-उपभोग>T6-परमाः>Bs6 |
| कामानाम् उपभोगः = कामोपभोगः, कामोपभोगः एव परमः यस्य सः = कामोपभोगपरमः ते कामोपभोगपरमाः |
| कर्ता 11 |
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| विषयभोगों_के_भोगने_में_तत्पर_रहनेवाले |
| whose_highest_goal_of_life_is_the_sense_gratification |
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| रुत्व-यत्व-लोप-सन्धिः (ससजुषो रुः (8।2।66)-भोभगोअघो अपूर्वस्य योऽशि (8।3।17)-लोपः शाकल्यस्य (8।3।19)) |
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