| कुर्यात् |
| कुर्याद्विद्वांस्तथासक्तश्चिकीर्षुर्लोकसङ्ग्रहम् |
| कृ3{कर्तरि;विधिलिङ्;प्र;एक;परस्मैपदी;डुकृञ्;तनादिः} |
| कृ{कर्तरि;विधिलिङ्;प्र;एक;परस्मैपदी;डुकृञ्;तनादिः} |
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| करे |
| must_do |
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| जश्त्व-सन्धिः (झलां जशोऽन्ते (8।2।39)) / रुत्व-सन्धिः (नश्छव्यप्रशान् (8।3।7)-अनुनासिकात् परोऽनुस्वारः (8।3।4)-खरवसानयोर्विसर्जनीयः (8।3।15)-विसर्जनीयस्य सः (8।3।34)) / सवर्णदीर्घ-सन्धिः (अकः सवर्णे दीर्घः (6।1।101)) / सत्व-श्चुत्व-सन्धिः (विसर्जनीयस्य सः (8।3।34)-स्तोः श्चुना श्चुः (8।4।40)) / रेफ-सन्धिः (ससजुषो रुः (8।2।66)) |
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