सुबन्तावली ?विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भ

Roma

पुमान्एकद्विबहु
प्रथमाविमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भः विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भौ विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भाः
सम्बोधनम्विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भ विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भौ विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भाः
द्वितीयाविमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भम् विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भौ विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भान्
तृतीयाविमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भेण विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भाभ्याम् विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भैः विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भेभिः
चतुर्थीविमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भाय विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भाभ्याम् विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भेभ्यः
पञ्चमीविमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भात् विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भाभ्याम् विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भेभ्यः
षष्ठीविमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भस्य विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भयोः विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भाणाम्
सप्तमीविमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भे विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भयोः विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भेषु

समास विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भ

अव्यय ॰विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भम् ॰विमलप्रभासश्रीतेजोराजगर्भात्

Le chameau Ocaml
Top | Index | Grammar | Sandhi | Reader | Corpus
© Gérard Huet 1994-2025
Logo Inria