सुबन्तावली ?वीरशैवलिङ्गार्चनविधिRoma |
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| पुमान् | एक | द्वि | बहु |
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| प्रथमा | वीरशैवलिङ्गार्चनविधिः | वीरशैवलिङ्गार्चनविधी | वीरशैवलिङ्गार्चनविधयः |
| सम्बोधनम् | वीरशैवलिङ्गार्चनविधे | वीरशैवलिङ्गार्चनविधी | वीरशैवलिङ्गार्चनविधयः |
| द्वितीया | वीरशैवलिङ्गार्चनविधिम् | वीरशैवलिङ्गार्चनविधी | वीरशैवलिङ्गार्चनविधीन् |
| तृतीया | वीरशैवलिङ्गार्चनविधिना | वीरशैवलिङ्गार्चनविधिभ्याम् | वीरशैवलिङ्गार्चनविधिभिः |
| चतुर्थी | वीरशैवलिङ्गार्चनविधये | वीरशैवलिङ्गार्चनविधिभ्याम् | वीरशैवलिङ्गार्चनविधिभ्यः |
| पञ्चमी | वीरशैवलिङ्गार्चनविधेः | वीरशैवलिङ्गार्चनविधिभ्याम् | वीरशैवलिङ्गार्चनविधिभ्यः |
| षष्ठी | वीरशैवलिङ्गार्चनविधेः | वीरशैवलिङ्गार्चनविध्योः | वीरशैवलिङ्गार्चनविधीनाम् |
| सप्तमी | वीरशैवलिङ्गार्चनविधौ | वीरशैवलिङ्गार्चनविध्योः | वीरशैवलिङ्गार्चनविधिषु |