सुबन्तावली जगत्

Roma

पुमान्एकद्विबहु
प्रथमाजगन् जगन्तौ जगन्तः
सम्बोधनम्जगन् जगन्तौ जगन्तः
द्वितीयाजगन्तम् जगन्तौ जगतः
तृतीयाजगता जगद्भ्याम् जगद्भिः
चतुर्थीजगते जगद्भ्याम् जगद्भ्यः
पञ्चमीजगतः जगद्भ्याम् जगद्भ्यः
षष्ठीजगतः जगतोः जगताम्
सप्तमीजगति जगतोः जगत्सु

समास जगत्

अव्यय ॰जगन्तम्

Le chameau Ocaml
Top | Index | Grammar | Sandhi | Reader | Corpus
© Gérard Huet 1994-2025
Logo Inria