सुबन्तावली ?अङ्घ्र्यवनेजनRoma |
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| पुमान् | एक | द्वि | बहु |
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| प्रथमा | अङ्घ्र्यवनेजनः | अङ्घ्र्यवनेजनौ | अङ्घ्र्यवनेजनाः |
| सम्बोधनम् | अङ्घ्र्यवनेजन | अङ्घ्र्यवनेजनौ | अङ्घ्र्यवनेजनाः |
| द्वितीया | अङ्घ्र्यवनेजनम् | अङ्घ्र्यवनेजनौ | अङ्घ्र्यवनेजनान् |
| तृतीया | अङ्घ्र्यवनेजनेन | अङ्घ्र्यवनेजनाभ्याम् | अङ्घ्र्यवनेजनैः अङ्घ्र्यवनेजनेभिः |
| चतुर्थी | अङ्घ्र्यवनेजनाय | अङ्घ्र्यवनेजनाभ्याम् | अङ्घ्र्यवनेजनेभ्यः |
| पञ्चमी | अङ्घ्र्यवनेजनात् | अङ्घ्र्यवनेजनाभ्याम् | अङ्घ्र्यवनेजनेभ्यः |
| षष्ठी | अङ्घ्र्यवनेजनस्य | अङ्घ्र्यवनेजनयोः | अङ्घ्र्यवनेजनानाम् |
| सप्तमी | अङ्घ्र्यवनेजने | अङ्घ्र्यवनेजनयोः | अङ्घ्र्यवनेजनेषु |